[Intro]
ओ महाकाल, आओ नृत्य करो,
धरती रो रही, चीत्कार सुनो।

[Verse 1]
भोलेनाथ, काल के स्वामी,
चमके गगन में, विद्युत ज्वाली।

जल में विष, हवा में जहर,
धरती कांपे, यह कैसा कहर?

[Chorus]
हर हर महाकाल, आओ प्रलय करो,
तांडव की धारा, सब स्वाहा करो।

हर हर महाकाल, अग्नि जलाओ,
भस्म कर दो, सत्य दिखाओ।

[Verse 2]
पर्वत बोले, नदियां रोई,
अंधकार छाया, रातें खोई।

तुमने खेला, परमाणु का खेल,
अब भुगतो पृथ्वी का मेल।

[Bridge]
आओ महाकाल, आओ तांडव करो,
भस्म से लिखो, नयी कथा गढ़ो।

शिव की गूंज, पर्वत कांपे,
धरती बोले, सत्य साक्षी।

[Chorus]
हर हर महाकाल, आओ प्रलय करो,
तांडव की धारा, सब स्वाहा करो।

हर हर महाकाल, अग्नि जलाओ,
भस्म कर दो, सत्य दिखाओ।

[Outro]
हर हर महाकाल, ओ विध्वंसक,
जाग उठो, जग को सच दिखाओ।
